यूरिन इंफेक्शन से हो सकता है गुर्दा खराब

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यूरिन इंफेक्शन होने पर इसके कोई विशेष कष्टप्रद लक्षण नहीं होते इस कारण व्यक्ति को पता ही नहीं चल पाता की उसे कोई बीमारी है | लेकिन ये छोटी सी बीमारी कब बड़ा रूप धारण कर ले और लेने के देने पड़ जाए ये कहा नहीं जा सकता |

इस बीमारी से गुर्दे खराब होते देखे गये हैं, जिसका उपचार आसान नहीं होता है | इस बीमारी से बचाव ही ज़्यादा अच्छा है फिर भी बीमारी हो जाए तो योग्य चिकित्सक की सलाह से शीघ्र पूरा उपचार किया जाना चाहिए |

यूरिन इंफेक्शन के लक्षण –

जलन के साथ पेशाब का होना, बार-बार पेशाब होना, पेट के निचले हिस्से में भारीपन या दर्द का रहना, उल्टी या जी मचलाना या कभी-कभी सर्दी के साथ बुखार आ जाना आदि कुछ ऐसे लक्षण हैं जो यूरिन इंफेक्शन की तरह इशारा करते हैं|

यूरिन इंफेक्शन के दुष्परिणाम – यदि यूरिन इंफेक्शन को कंट्रोल नहीं किया गया तो पेशाब रुकने का ख़तरा, पथरी बनने की संभावना रहती है | यूरिन इंफेक्शन से पेसाब की थैली मे सूजन तथा पेशाब में मवाद भी हो सकती है |

यूरिन इंफेक्शन के क्या कारण हो सकते हैं – पानी कम मात्रा मे पीना, पेशाब आने पर भी रोके रखना, प्रोस्टेट की गाँठ का बढ़ जाना, शरीर में कीटाणुओ का इंफेक्शन हो जाना, पेशाब के स्थान पे घावों का होना, पेशाब इंद्रिय की सही सॉफ सफाई ना रखना आदि|

यूरिन इंफेक्शन की क्या क्या जाँचे हैं –

पेशाब की जाँच, रूटीन तथा माइक्रोस्कोपिक एक्जामिनेशन, गुर्दे की जाँच, यूरीय क्रियीयेटिन तथा अव्यशकता अनुसार अल्ट्रा साउंड आदि जाँचे चिकित्सक की सलाह से करानी चाहिए |

यूरिन इंफेक्शन से बचाव –

प्रतिदिन मौसम की अवशकता अनुसार पानी पिए | गर्मी के मौसम में दो लीटर पानी स्वस्थ व्यक्ति को कम से कम अवश्य पीना चाहिए | हर तीन चार घंटे मई यूरिन अवश्य पास करें | रात्रि में पेशाब करके ही सोएँ | पेशाब इंद्रिय में खुजली होने पर उसका उपचार कराएँ व आवश्यकता अनुसार अपने चिकित्सक से परामर्श करें |

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