यात्रा में स्‍वास्थ्य

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आजकल रेल यात्रा हो या मोटर की, मुश्किल से अच्छी तरह बैठने की जगह मिलती है | प्रत्येक मनुष्य के शरीर से एक प्रिय अथवा एक अप्रिय गंध का प्रसारण भी होता रहता है | जो दूसरे व्यक्ति को प्रभावित करता है | कई कारणों को देखते हुए लंबी यात्रा में स्वास्थ की सुरक्षा के लिए ख़ान पॅयन और रहन सहन में थोड़ी परिवर्तन करना उचित ही नही बहुत ज़रूरी भी है | भीड़भाड़ में कई प्रकार के मनुष्यों की अपान वायु से दूषित हवा को मजबूरन ग्रहण करना पढ़ता है |

यात्रा पर रवाना होते समय कभी भी भर पेट भोजन नहीं करना चाहिए | भरपेट भोजन पर वायु प्रदूषण की स्वास्थनाशक़ प्रक्रिया तेज़ी से होती है | अधिक भोजन से शरीर में थकावट शीघ्र आएगी और नींद आने लगेगी | नींद लेने का उपयुक्त स्थान यात्रा में ऩहीँ मिलने पर नींद नहीं लेने से बेचैनी और उकताहट पैदा होगी | नींद के झोंके में आपके पास पड़ा आपका सामान या आपकी जेब का रुपया .जेब्कत्रे के हाथ लग सकता है | यात्रा में तेज़ मिर्च , मसाले या अचार का अधिक सेवन नही करें अन्यथा प्यास अधिक लगेगी | जल प्राप्ति में कठिनाई हो सकती है | ज़्यादा पानी पी लेने से मूत्र का प्रबल वेग होगा | मूत्र करने के लिए कभी कभी तो रेल गाड़ी में मूत्रालए जाने का रास्ता ही नहीं रहता |

यात्रा पर चलते समय दूध, दही , छास अथवा फल का सेवन कर लिए जाएँ और भोजन नाममात्र को लिया जाए तो यात्रा मे घंटों खड़े रहने की तथा वायु दूषण तथा विषैले शारीरिक तत्वों से मुकाबला करने की बहुत कुछ क्षमता प्राप्त हो जाएगी | अजवायन भूनी हुई चूर्ण जिसमें ८ वें हिस्से का सेंधा नमक तथा २० वें हिस्से की शंख भस्म मिली हुई हो, साथ रखें | पेट में किसी तरह की कोई शिकायत हो यह चूर्ण बहुत ही लाभदायक है | थोड़ा चूर्ण खाकर पानी अथवा चाय लें ले |

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