पपीता : एक गुणकारी फल

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पपीते के कच्चे फलों से प्राप्त कारपेन एल्कोलाइट व पेपेन का प्रयोग औषधियों में जिया जाता है |

औषधीय गुण : पित्ती बढ़ना : पपीते को छीलकर टुकडों में काटकर सिरके में डालें व 6-7 दिनों के बाद इसका प्रयोग 14 ग्राम में करें।

दूध व द्धि : प्रसूतायों के लिए यह दूध व द्धि हेतु उपयोगी है । इसका सेवन नियमित करना चाहिए।

पेट के कीड़े : पपीते के रस में शहद मिलाकर बच्चों को पिलाएं

मासिक धर्म : कच्चे पपीते का सेवन करने से मासिक धर्म संबंधी अनियमिताएं दूर होती हैं

खूनी बवासीर : पपीते कं बीजों का रस शहद के साथ चाटें |

क़ब्ज़ के लिए : सुबह शाम 100 ग्राम की मात्र में पपीते का सेवन करें

पाचक गुण : इसमें भारी प्रोटीनों को शीघ्र पचाने की क्षमता होती है । दिल कं मरीजों के लिए लाभप्रद है ।

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