कमर दर्द – एक आम तकलीफ़

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कमर दर्द के कारण विश्व में करोड़ों लोग दर्द की चपेट में कराहते रहतें हैं| एक वेस्टर्न कंपनी ने तो यह दावा भी कुछ वर्ष पूर्व किया था की दुनिया की ८५ प्रतिशत आबादी जीवन में एक नहीं कई-कई बार कमर दर्द सहन करने मे विवश है|

आजकल उम्र के तीन दशक बाद सभी पुरुष इस दर्द के शिकंजे मे आ जाते हैं| ज़रा सा वजन उठाते, उँचे स्थान से समान उतारते, झुकते, खड़े रहते या सिनेमा घर में सीट पर बैठे बैठे ही कमर दर्द कह उठता है “लो मैं आ गया”| उस स्थिति में चलना फिरना, खड़े रहना, करवट लेना, सभी हालत में बड़ी असहनीय पीड़ा होती है| वास्तविकता यह है कि कमर दर्द चाहे किस भी कारण से हो, किसी भी उम्र में हो, व्यक्ति को शारीरिक रूप से काम कामकाज करने में अक्षम बना देता है| वह दर्द के मारे बेहाल हो चिड़चिढ़ा हो जाता है |

कारण –
चिकित्सा विज्ञानियों ने कमर दर्द के पाँच मुख्य कारण इस तरह गिनाएँ हैं –
१. मुद्रा दोष
२. शारीरिक वजन अधिक हो
३. हीन योग
४. किसी रोग के कारण
५. मानसिक तनाव की वजह से

आजकल संतुलित आहार ना मिलने, प्रदूषित स्थितियों में जीवन यापन करने और तरह तरह के तनाव के कारण कमर दर्द के रोगी बढ़ते जा रहे हैं|

रोकथाम के लिए क्या करें –
यदि तुरंत जाँच से कोई उपाय हो जाए तो ठीक है, फिर भी कारण को खूब अच्छी तरह समझ लेना चाहिए| मुद्रा दोष कमर दर्द का प्रमुख कारण है, किसी सुयोग चिकित्सक से ठीक तरह चलने, फिरने, उठने, बैठने तथा कामकाज कि स्तिथियो में सावधानियाँ बरतने की जानकारी ले लेनी चाहिए| झुककर पढ़ना लिखना, झुककर चलना, अधिक वजन होने पर तेज चाल से चलना, ग़लत ढंग से लेटना, उँची एडी के सैंडिल पहनना, लेटकर टीवी देखना, फर्श पर लंबे समय तक बैठ कर कार्य करना आदि इस्थितियों मे सावधान रहना चाहिए|

इसी तरह अपने कद से अधिक वजन होने पर भी कमर दर्द का ख़तरा बना रहता है| वजन बहुत अधिक हो तो किसी योग्य चिकित्सक की राय लेकर संतुलित आहार, व्यायाम, चावल, चीनी, तेल-घी की चीज़े खाना छोड़ने से वजन कम करने का प्रयत्न करना चाहिए| क्रेश डाइटिंग करना, वजन घटाने की गोलियों का प्रयोग, किसी अनुभवी चिकित्सक की राय से ही करें अन्यथा विपरीत प्रभाव हो सकतें हैं|

तीसरा कारण हीन योग का मतलब है – व्यायाम करने से कतराना, लगातार आरमतलबी, अधिक गुद्गुदे बिस्तरों पे सोना, भरपूर नींद ना ले पाना, अनिमियत दिनचर्या में जीवन यापन करना| अतियोग से मतलब है सारे दिन खड़े होकर काम करना, सामर्थ्य से अधिक काम, व्यायाम, आहार करना| मिथ्या योग, ग़लत मुद्रा मई बैठना, देर रात तक जाग कर टीवी देखना आदि|

मधुमेह, मेरुदण्ड में विकृति, मेरुदण्ड गुरियों का घिसना, टूटना या टेढ़ापन आना, कहीं क्षमता से अधिक वजन उठना, मौसमी प्रभाव से कमर दर्द हो जाता है| हर समय तनाव में जीना आज मानव कि विवशता है| इससे अक्सर अनिद्रा, सिरदर्द, कमर दर्द हो जाता है|

उपचार के लिए अस्थि विशेशग्य से जाँच करवाकर उसका बताया व्यायाम और आहार लें| भोजन मे तला हुआ पदार्थ, फास्ट फुड, मैदा के व्यंजन ना लें| दूध, दही, घी, हरी सब्जी, सलाद, फल जूस आदि लें| सही मुद्रा मे बैठें, चलें तथा कामकाज करें|

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