शरीर के किसी भी हिस्से में अणवांचित बाल स्त्री या पुरुष दोनो के लिए समस्यजनक हो सकते हैं| ये अनचाहे बाल मुख्यतः चेहरे, अपरलिप, ठुड्डी, गाल, माथे, बाजू, छाती, पीठ, हाथ- पेर में होते हैं, जो की शारीरिक व मानसिक दोनो ही तरह से कष्टदायी होते हैं| महिलयों में अनचाहे बाल उनकी सुंदरता में तो कमी करते ही हैं बल्कि कभी – कभी डिप्रेशन तक को बुलावा दे देते हैं | इसी तरह पुरुषों में भी अत्यधिक बाल (मुख्यतः छाती, पीठ, बाजू, जांघों पर) भद्देपन के साथ ही अत्यधिक पसीना व नमी से होनेवाले विकारों को जन्मदेते हैं|

ये अनचाहे बाल शरीर मे विभिन्न हॉर्मोन्स की मात्रा मे असंतुलन, कुछ दवायों के दुष्प्रभाव व आनुवांशिक कारण से हो सकते हैं|

शरीर के इन अनचाहे बालों को हटाने के लिए अबतक प्रचलित इस्तेमाल के तरीके (शेविंग , वॅक्सिंग, प्लकिंग, थ्रीडिंग , एलेक्ट्रो व तेरमॉलीसिस , विभिन्न प्रकार की क्रीमे आदि) समय तो लेते ही हैं साथ ही कष्टदायक भी हैं | शरीर के किसी भी हिस्से में एवं किसी भी कारण से हुए इन अनचाहे बालों की समस्या से लेज़र तकनीक की मल्टी फंक्शनल “आई पी एल” यानी इनटेन्स पल्स लाइट यूनिट से निजात पाई जा सकती है | लेज़र तकनीक से ट्रीटमेंट सुरक्षित, दर्द रहित व दीर्घ कालीन असरदायक है एवं इससे जलने की कोई संभावना नही होती है |

आई पी एल द्वारा अनचाहे बालों के उपचार मे ३ – ४ हफ्तों के अंतर से ८ से १५ बार (अलग अलग मरीज़ मे बालों के घनेपन के अनुसार) यह ट्रीटमेंट दिया जाता है | यह आई पी एल ट्रीटमेंट अनचाहे बालों के अलावा मुहाँसे, झाई – झुर्रियाँ , दाग – धब्बे (सनबर्न, एजिंग, स्पॉट) को कम करने, त्वचा मे कसाव लाने में काफ़ी असरदायक है| मुहाँसे, झुर्रियों, त्वचा में कसाव, दाग – धब्बे आदि के लिए हफ्ते मे दो बार ६ से ८ हफ्ते तक ट्रीटमेंट दिया जाता है | आई पी एल उपचार के दौरान व उपचार पूर्ण होने के बाद निर्देश अनुसार तेज धूप के बचाव हेतु सनस्क्रीन एवं कुछ मेडिसिनल क्रीम लगाना आवश्यक होता है | ब्लीचिंग क्रीम, सुगंधयुक्त कॉसमेटिक उपचार के १ – २ दिन तक प्रयोग नहीं करना चाहिए |

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